केरल दौरे पर पीएम मोदी: ₹10,800 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, CM विजयन और कैबिनेट ने कार्यक्रम से बनाई दूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरे के दौरान ₹10,800 करोड़ की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होगा। लेकिन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके मंत्रिमंडल ने कार्यक्रम से दूरी बना ली है, जिससे राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
- राजनीतिक तनातनी के बीच पीएम का दौरा
- ₹10,800 करोड़ की बड़ी विकास परियोजनाएं
- NH-66 और कोझिकोड बाईपास का उद्घाटन
- रेल, सड़क और सोलर प्रोजेक्ट को मिलेगी गति
कोच्चि/तिरुवनंतपुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केरल के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां वे करीब ₹10,800 करोड़ की विकास परियोजनाओं (Development Projects) का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार की कई बड़ी योजनाओं को गति देने वाला माना जा रहा है।
हालांकि इस दौरे से पहले राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल न होने का फैसला लिया है। राज्य सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के उद्घाटन समारोह में राज्य के लोक निर्माण विभाग (Public Works Department – PWD) मंत्री मोहम्मद रियाज को आमंत्रित नहीं किया गया, जो कि इस परियोजना में राज्य की भागीदारी को नजरअंदाज करने जैसा है।
परियोजनाओं के श्रेय को लेकर बढ़ी सियासी खींचतान
राज्य सरकार का तर्क है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-66 (NH-66) के विकास में केरल सरकार ने जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) के लिए लगभग ₹5600 करोड़ का योगदान दिया है। ऐसे में राज्य को समारोह में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का नाम आधिकारिक नोटिस में जरूर शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने सामूहिक रूप से कार्यक्रम से दूरी बनाने का फैसला किया।
दूसरी ओर समारोह के लिए भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के नाम सूची में शामिल किए गए हैं, जिससे सियासी संदेश भी स्पष्ट माना जा रहा है।
राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का पूरा श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि यह राज्य का लंबे समय से चला आ रहा एक ड्रीम प्रोजेक्ट (Dream Project) रहा है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी उठा विवाद
राज्य मंत्री एनबी राजेश ने एक पुराना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें पिछली बार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में प्रवेश के दौरान एसपीजी (Special Protection Group – SPG) अधिकारियों के साथ पहचान पत्र को लेकर बहस करनी पड़ी थी।
उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जारी पास था, फिर भी उनसे आधार कार्ड दिखाने को कहा गया, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई। बाद में बहस के बाद उन्हें कार्यक्रम में प्रवेश की अनुमति मिली।
किन परियोजनाओं को मिलेगा नया जीवन
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे में कई अहम परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल है, जो केरल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
सबसे पहले भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की कोच्चि रिफाइनरी में पॉलीप्रोपाइलीन यूनिट (Polypropylene Unit) की आधारशिला रखी जाएगी। यह परियोजना पेट्रोकेमिकल उद्योग के लिए बड़ी मानी जा रही है और इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश (Industrial Investment) बढ़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा सड़क क्षेत्र में दो बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन होगा।
पहली परियोजना NH-66 के थलापाडी-चेंगला खंड की छह लेन सड़क है, जिसे ₹2,650 करोड़ से अधिक की लागत से बनाया गया है।
दूसरी परियोजना वेंगलम से रामनट्टुकरा तक कोझिकोड बाईपास का छह लेन निर्माण है, जिसकी लागत लगभग ₹2,140 करोड़ बताई गई है। इन परियोजनाओं से केरल के तटीय क्षेत्रों में यातायात और लॉजिस्टिक्स (Logistics) को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण सड़क, रेलवे और सौर ऊर्जा को भी मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY – Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana) के तहत बनी 23 ग्रामीण सड़कों का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे दूरदराज के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
रेलवे क्षेत्र में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत पुनर्निर्मित तीन स्टेशनों—शोरानूर जंक्शन, कुट्टीपुरम और चांगनास्सेरी—का उद्घाटन किया जाएगा।
इसके साथ ही शोरानूर-नीलाम्बुर रोड रेलवे लाइन के विद्युतीकरण (Railway Electrification) का भी लोकार्पण होगा और पलक्कड़ से पोलाची के बीच एक नई रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
ऊर्जा क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री कोल्लम जिले के पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना (Floating Solar Power Project) की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना केरल में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के विस्तार की दिशा में अहम मानी जा रही है।
राजनीतिक संदेश भी अहम
विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक संकेत भी अहम हैं। केरल में भाजपा लंबे समय से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि राज्य में वाम मोर्चा (LDF) और कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) पहले से मजबूत राजनीतिक ताकतें हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा बुनियादी ढांचे के साथ-साथ राज्य की राजनीतिक बहस को भी नया मोड़ दे सकता है।



