हरियाणा में पुलिस और गृह विभाग की 33 सेवाएं हुईं टाइम-बाउंड, अब FIR कॉपी से लेकर हथियार लाइसेंस तक मिलेगा तय समय में काम
Haryana News: हरियाणा सरकार ने गृह विभाग और पुलिस से जुड़ी 33 सेवाओं को RTS Act-2014 के तहत शामिल कर दिया है। अब FIR कॉपी, हथियार लाइसेंस नवीनीकरण और अन्य सेवाएं तय समय-सीमा में मिलेंगी। देरी होने पर अधिकारी जवाबदेह होंगे। इसको लेकर क्या फैसला लिया गया है आइये जानते है।
Haryana News: हरियाणा में सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी (Transparent) और जवाबदेह (Accountable) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार ने गृह विभाग और पुलिस से जुड़ी 33 महत्वपूर्ण सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार (Right to Service-RTS) अधिनियम-2014 के दायरे में शामिल कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा जिन्हें छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए बार-बार दफ्तरों और थानों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अब इन सेवाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा (Deadline) तय कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि नागरिकों को अब यह पता होगा कि उनका काम कितने दिनों में पूरा होना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है तो शिकायत दर्ज कराने का अधिकार भी उनके पास होगा।
FIR और DDR की कॉपी पाने में नहीं होगी परेशानी
पुलिस थानों से जुड़े मामलों में सबसे बड़ी शिकायत अक्सर FIR या DDR की कॉपी प्राप्त करने को लेकर रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायत दर्ज होते ही संबंधित व्यक्ति को FIR या DDR की कॉपी तुरंत उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कई मामलों में यह सुविधा ऑनलाइन (Online Service) माध्यम से भी दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पुलिस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत होगा। डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलने से लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
हथियार लाइसेंस धारकों को बड़ी राहत
सरकार के इस फैसले का एक बड़ा फायदा हथियार लाइसेंस (Arms License) धारकों को भी मिलेगा। पहले लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब तय समय-सीमा लागू कर दी गई है।
यदि किसी व्यक्ति का लाइसेंस अभी वैध है और वह उसी जिले में नवीनीकरण के लिए आवेदन करता है तो उसका काम 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। वहीं जिन मामलों में पुलिस सत्यापन (Police Verification) आवश्यक होगा वहां अधिकतम 22 दिनों में प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इसके अलावा लाइसेंस में नया हथियार जोड़ने, किसी हथियार को हटाने या हथियार खरीदने की अनुमति अवधि बढ़ाने जैसी सेवाओं को भी समयबद्ध बनाया गया है। इन मामलों में नागरिकों को सिर्फ 7 दिन तक इंतजार करना होगा।
अब देरी होने पर जवाब देना होगा
नई अधिसूचना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर सेवा के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय किए गए हैं। साथ ही प्रथम और द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी (Appellate Authority) भी निर्धारित किए गए हैं।
यदि किसी नागरिक को निर्धारित समय में सेवा नहीं मिलती है तो वह सीधे अपील कर सकेगा। इससे विभागीय जवाबदेही मजबूत होगी और बिना वजह फाइलें लंबित रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगने की उम्मीद है।
सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला केवल समय-सीमा तय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और परिणाम आधारित बनाने की कोशिश है। राज्य सरकार लंबे समय से डिजिटल गवर्नेंस (Digital Governance) और सेवा सुधारों पर काम कर रही है। ऐसे में गृह विभाग की सेवाओं को RTS के दायरे में लाना आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल सरकारी कार्यालयों में भीड़ कम होगी बल्कि लोगों का प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ेगा। आने वाले समय में यदि यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है तो अन्य विभागों में भी इसी तरह की समयबद्ध सेवाओं का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
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